जब चाहो नौकरी दो, जब चाहो निकालो... मजदूरों की जेब पर वार, कंपनियों को ज्यादा ताकत? नए श्रम कानूनों पर भड़के खरगे

जब चाहो नौकरी दो, जब चाहो निकालो... मजदूरों की जेब पर वार, कंपनियों को ज्यादा ताकत? नए श्रम कानूनों पर भड़के खरगे
मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस भारत के मजदूरों के लिए अपने दृष्टिकोण पर अडिग है. हम अपने पांच-सूत्रीय 'श्रमिक न्याय' एजेंडे के प्रति प्रतिबद्ध हैं. मनरेगा की बहाली और इसका शहरी क्षेत्रों तक विस्तार. राष्ट्रीय न्यूनतम मजदूरी 400 रुपए प्रतिदिन, जिसमें मनरेगा भी शामिल है.