गांव में दिखने वाला बोंगा और बटोर को महिलाएं गोबर से करती हैं तैयार, कम खर्च में चारा और उपले सालभर सुरक्षित

गांव में दिखने वाला बोंगा और बटोर को महिलाएं गोबर से करती हैं तैयार,  कम खर्च में चारा और उपले सालभर सुरक्षित
Rampur news: गांवों में अक्सर लोग बोंगा और बटोरा को एक ही चीज समझ लेते हैं जबकि दोनों की बनावट, इस्तेमाल और फायदा अलग होता है. उपले स्टोर कर रही हेमंतनगर छबीली की मड़ैया निवासी ओमवती बताती हैं की बटोरा खास तौर पर उपले यानी कंडे सुरक्षित रखने के लिए बनाया जाता है. वहीं बोंगा का इस्तेमाल पशुओं का चारा और भूसा रखने के लिए किया जाता है.