इलेक्ट्रॉनिक चाक ने बदली कुम्हारों की किस्मत, अब सीजन में ही नहीं साल भर करते हैं कमाई

इलेक्ट्रॉनिक चाक ने बदली कुम्हारों की किस्मत, अब सीजन में ही नहीं साल भर करते हैं कमाई
बदलते दौर और बदलते जमाने के साथ-साथ हाईटेक मशीन कुम्हारों जीविकोपार्जन का साधन बनी है. आज उनका काम एक-दो दिन और एक दो महीने तक नहीं बल्कि साल भर आसानी से चलता है. मिट्टी के अलग-अलग अत्याधुनिक बर्तन अत्याधुनिक मशीनों से तैयार कर उसकी बिक्री कर वे अपने परिवार का भरण पोषण कर रहे हैं.